सहारा इंडिया में वर्षों पहले निवेश करने वाले लाखों लोगों का पैसा अब किस्तों में लौटाया जा रहा है। कंपनी के तहत देश के तमाम राज्यों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए थे, लेकिन लंबे समय तक न मूलधन लौटाया गया और न ही तय ब्याज। इसी विवाद के चलते निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय मांगा था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई रिफंड प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सहारा कंपनी को निवेशकों की राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी। इसी निर्देश के बाद 2023 से आधिकारिक तौर पर रिफंड की प्रक्रिया शुरू की गई है। कंपनी निवेश राशि को किस्तों में लौटाने का प्रावधान लागू कर चुकी है और कई निवेशकों को पहली व दूसरी किस्त मिल चुकी है। कुछ क्षेत्रों में तीसरी किस्त का भुगतान भी प्रारंभ हो गया है।
किस तरह मिल रहा है रिफंड
रिफंड केवल उसी निवेशक को मिलेगा जिसने आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण पूरा किया है। रजिस्ट्रेशन के साथ सभी संबंधित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है। सहारा इंडिया निवेशकों के खाते में पहली किस्त के रूप में ₹10,000 भेज चुकी है। दूसरी किस्त बढ़ाकर ₹20,000 से ₹50,000 के बीच रखी गई है। आगे चलकर और किस्तों का भुगतान ब्याज सहित किया जाएगा।
ब्याज के साथ वापसी
सहारा रिफंड पर 6% वार्षिक ब्याज दर लागू की गई है। इसी दर से निवेशकों की राशि की गणना होगी और किस्तों के माध्यम से वापस की जाएगी। हालांकि कंपनी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार भविष्य में ब्याज दरों में संशोधन भी संभव है।
किनको मिलेगा रिफंड
रिफंड पाने के लिए निवेशकों का पंजीकरण करना अनिवार्य है। उनके पास निवेश से जुड़े सभी प्रमाण मौजूद होने चाहिए। आधार और बैंक खाते की केवाईसी पूरी हो और खाते में किसी तरह का होल्ड या प्रतिबंध न लगा हो।
रिफंड प्रक्रिया की खास बातें
कंपनी रिफंड रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कर रही है। निवेश राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। रिफंड लौटाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 5000 करोड़ रुपये का विशेष बजट भी अनुमोदित किया गया है।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें
रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। पंजीकरण पूरा करें और लॉगिन करें। अब रिफंड रजिस्ट्रेशन ऑप्शन चुनकर फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज अपलोड करें। अंत में विवरण की पुष्टि कर सबमिट कर दें। आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा और सत्यापन के बाद किस्तें सीधे खाते में भेजी जाएंगी।